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रोहिणी और द्वारका की तर्ज पर दिल्ली में विकसित होंगे 6 नए उपनगर, जानें किन इलाकों का बदलेगा नक्शा?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Aug 13, 2026 05:24 pm IST,  Updated : Aug 13, 2026 05:24 pm IST

दिल्ली के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को देखते हुए राजधानी की तस्वीर आने वाले वर्षों में काफी बदल सकती है। मास्टर प्लान-2047 के तहत रोहिणी और द्वारका की तर्ज पर छह नए उपनगर और सब सिटी विकसित करने की तैयारी तेज होगी।

मास्टर प्लान 2047: दिल्ली...- India TV Hindi
मास्टर प्लान 2047: दिल्ली में बसेंगे 6 नए उपनगर! Image Source : ANI

दिल्ली आने वाले वर्षों में और बड़ी, आधुनिक और व्यवस्थित नजर आ सकती है। मास्टर प्लान-2047 को मंजूरी मिलने के बाद राजधानी में छह नए उपनगर और सब-सिटी विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इन इलाकों को रोहिणी और द्वारका की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। अगले 20 वर्षों में यहां घरों के साथ सड़क, परिवहन, स्कूल, कॉलेज, रोजगार और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

डीडीए के मुताबिक, 2047 तक दिल्ली की आबादी में काफी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान में आवास, रोजगार, यातायात, पर्यावरण, बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को एक साथ जोड़कर योजना बनाई गई है। इसका मकसद दिल्ली के पुराने इलाकों पर बढ़ते दबाव को कम करना और नए क्षेत्रों में व्यवस्थित विकास करना है।

नरेला से घिटोरनी तक बदलेंगे कई इलाके

मास्टर प्लान के तहत दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में छह प्रमुख जोन में नए उपनगर विकसित किए जाएंगे।

  1. P-1 जोन: नरेला के मौजूदा विकसित क्षेत्र से बाहर का इलाका इस जोन में शामिल है। इसे नरेला सब-सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है।
  2. N जोन: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में नरेला, बवाना और कंझावला क्षेत्र को इसमें रखा गया है।
  3. P-2 जोन: उत्तरी दिल्ली में बख्तावरपुर गांव से आगे तिग्गीपुर और आसपास के इलाकों तक यह क्षेत्र फैला है।
  4. L जोन: पश्चिमी दिल्ली में द्वारका और नजफगढ़ के पीछे का इलाका इस जोन में आएगा, जो ढांसा बॉर्डर तक जाता है।
  5. K-1 और K-2 जोन: द्वारका और वसंत कुंज के आसपास के क्षेत्रों में इन्हें विकसित किया जाएगा।
  6. J जोन: दक्षिणी दिल्ली के घिटोरनी और आसपास का इलाका इस जोन का हिस्सा होगा।

नए कमर्शियल हब से बढ़ेंगे रोजगार के मौके

इन नए उपनगरों में सिर्फ आवासीय विकास ही नहीं होगा। डीडीए विभिन्न गांवों और आसपास के क्षेत्रों में कमर्शियल हब विकसित करने की भी तैयारी कर रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही बिजली, पानी, सड़क और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकारी स्कूल और कॉलेज के अलावा प्राइवेट सेक्टर से भी निवेश आने की उम्मीद है। डीडीए रियल एस्टेट सेक्टर के साथ साझेदारी कर इन इलाकों के विकास को गति देने की योजना पर काम करेगा।

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